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प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कैसे रजिस्टर करें? / Company Incorporation Process of the Private Company

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प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कैसे रजिस्टर करें?

दोस्तो आज के समय मे हर युवा का सपना होता है कि वो स्टार्टअप करे मतलब की अपनी कम्पनी खोलना चाहते है तो दोस्तो आपको अपनी कंपनी का रेजिस्ट्रेशन करवाना चाहते हैं , दोस्तो अगर आप अपनी नई कंपनी खोलने के विचार में है तो आपको अपनी का रेजिस्ट्रेशन करवाना आवश्यक है लेकिन अब आपके मन मे एक सवाल उठ रहा होगा कि कंपनी के रेजिस्ट्रेशन करवाने से हमे क्या फायदा होगा, तो चलिये हम आपको बताते है कि कंपनी को रेजिस्ट्रेशन करवाने से क्या फायदा होता है –

  • अपनी कंपनी का रेजिस्ट्रेशन करवाने से आपकी कंपनी के नाम के आगे Pvt लिख जायेगा जिसका मतलब होता है प्राइवेट लिमिटेड इसका अर्थ है कि आपकी कंपनी आधिकारिक रूप से आपकी है ।
  • आपकी कंपनी का रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद आपकी कंपनी का कोई भी नाम कॉपी नही कर सकता है इससे आपके व्यापार को फायदा होगा क्योंकि जो आपकी कंपनी का नाम होगा वो नाम किसी और कंपनी का नही होता है ।
  • आपकी कंपनी रजिस्ट्रेशन होने के बाद आपको आपकी कंपनी के नाम पर लोन मिल सकता है क्योंकि कंपनी भी एक प्रॉपर्टी होती है , सबसे अच्छी बात ये है कि अगर आप कंपनी के नाम पर लोन लेते है तो आपको कंपनी के नाम से लोन अलग और आपके व्यक्तिगत लोन को अलग – अलग रखा जाता है इससे आपकी निजी सम्पति को कोई नुकसान नहीं होता है । यहाँ तक कि लोन का लेखा जोखा भी अलग अलग रखा जाता है ।
  • कंपनी में एक कमेटी बनाई जाती है जिसमे कम से कम 2 सदस्य होना आवश्यक है और अधिकतम 200 सदस्य होना जरूरी है , यह नियम सरकार के द्वारा 2013 में लाया गया है जो लोग नयी कंपनी शुरू करने चाहते है उनके लिये ये नियम बनाया गया है ।
  • कंपनी को अगर नुकसान होता है तो इससे कंपनी के शेयर होल्डर्स को किसी भी प्रकार का नुकशान नही होता है बस उनके जो शेयर्स होते उनका नुकसान होता है जिससे शेयर होल्डर्स की पर्सनल प्रोपर्टी पर कोई नुकसान नही पहुँचता है ।
  • अगर कंपनी का कोई भी सदस्य दिवालिया हो जाता है या उसकी किसी कारणवश मृत्यु हो जाती है तो उसके बाद भी उसका कंपनी में उत्तराधिकारी रहेगा ।
  • कम से कम दो निर्देशक होना आवश्यक है किसी भी निजी कंपनी के संचालन के लिये ।
  • कम से कम 1 लाख रुपये की पेड की हुई पर्ची या स्टेटमेंट होना चाहिए या एक निश्चित हाईएस्ट राशि होनी चाहिये ।
  • आपको अपनी कंपनी के आखिर में Pvt लिखना होता है जिसका मतलब है कि ये आपकी निजी कंपनी है

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दोस्तो जब आप अपनी कंपनी का पंजीकरण कराने जाते है तब आपको निम्न शर्तो को पालन करना होता है लेकिन अगर आपकी कंपनी सरकार के नियमो का पालन नही करती है तो आपकी कम्पनी का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा , तो चलिये जानते है वो कौन- कौन से नियम है जिसका आपको पालन करना चाहिये –

प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कैसे रजिस्टर करें?

  • सदस्य संख्या- सरकार के द्वारा 2013 में एक नियम लाया गया है कि आपको अपनी कंपनी शुरू करने के काम से कम 2 सदस्य और ज़्यादा से ज़्यादा 200 सदस्य होने चाहिए नहीं तो आपकी कंपनी का रेजिस्ट्रेशन नही होगा ।
  • कंपनी के निर्देशकों को संख्या – दोस्तो अगर आपको अपनी कंपनी का रजिस्ट्रेशन करवाना है तो आपको अपनी कंपनी में कम से कम दो निर्देशकों होना जरूरी है नही तो आपकी कंपनी रेजिस्ट्रेशन होने की पात्र नहीं है ।
  • कंपनी के नाम का सही चयन – कंपनी के रजिस्ट्रेशन के लिये सही चयन करना होना चाहिये क्योंकि आप जब अपनी कंपनी का रजिस्ट्रेशन करवाने के लिये पंजीकरण आफिस भेजेंगे तब आपको 5 से 6 नाम भेजने होते है जिसमे एक नाम को चुना जाता उसी नाम के आगे प्राइवेट लिमिटेड लिखा जाता है , इसके अलावा आपकी कंपनी जिस नाम का उपयोग कर रही है वो नाम किसी और कंपनी का ना हों।
  • कंपनी का ऑफिस -आपकी कंपनी के ऑफिस का एक कार्यालय होना जरूरी है जिसमें आपकी कंपनी के नाम लेटर नोटिस भेजा सके । जब अपनी कंपनी के रजिस्ट्रेशन के फ़ाइल पंजीकृत ऑफिस भेजेंगे तो आपको अपनी फ़ाइल में ऑफिस का पता डालना होगा ।
  • डीएससी दस्तावेज – आपकी कंपनी की फ़ाइल में आपके सभी निर्देशको के डिजिटल हस्ताक्षर होना आवश्यक है जिससे आपको खुद प्राप्त करना होगा क्योंकि आज के समय मे हर कंपनी को खुद का एक हस्ताक्षर होना आवश्यक है जो की कंपनी के सम्बंधित मामलों में उपयोग किया जाता है इसके लिए आपको कंपनी के दस्तावेज को वेरीफाई करवाना आवश्यक होता है।
  • कंपनी में कई ऐसे लोग जिनका कंपनी को लेकर एक लक्ष्य होना जरूरी है इन लोगो को मिलाकर एक प्रमाण पत्र होना आवश्यक है जिसमे कंपनी के सचिव चार्टेड अककॉउंटेंट के वेरिफिएड सर्टिफिकेट होना आवश्यक है ।

कंपनी को पंजीकृत करने के लिये आवश्यक दस्तावेज –

  • कंपनी के निर्देशको के पहचान पत्र , आधार कार्ड ,पैन कार्ड , स्थायी निवास प्रमाण पत्र , वोटर आईडी, पासबुक ,बैंक स्टेट्मेंट होना आवश्यक है । स्थायी प्रमाण पत्र ना होने पर आपको बिजली बिल/ टेलीफोन बिल में से एक देना पड़ेगा
  • कंपनी के शेयर धारकों के पहचान प्रमाण पत्र , आधार कार्ड ,पैन कार्ड , स्थायी निवास प्रमाण पत्र , वोटर आईडी पासबुक ,बैंक स्टेट्मेंट होना आवश्यक है ।स्थायी प्रमाण पत्र ना होने पर आपको बिजली बिल/ टेलीफोन बिल में से एक देना पड़ेगा ।
  • टेलीफोन बिल या बिजली बिल 2 महीने से अधिक पुराने होने चाहिये क्योंकि इससे आपके पता को वेरीफाई किया जाता है ।
  • सभी documents अंग्रेजी पर होने चाहिये अगर documents अंग्रेजी में नही है तो उनका अनुवादन होना चाहिये ।
  • निर्देशको के द्वारा हस्ताक्षर/ प्रमाणरीत किये दस्तवेज – कंपनी में निर्देशक के रूप में काम करने के सहमित पत्र को भरे साथ मे फॉर्म डीआईआर को भरे में जिसमे कंपनी के निर्देशक बनने की सहमति होती है । डीआईएन के भी जनाकारी निर्देशक द्वारा दी जानी चाहिए ।
  • कंपनी के नाम और ट्रेडमार्क के लिये फॉर्मल ऑथोरिटी का सर्टिफिकेट ।
  • पंजीकृत कार्यालय का सर्टिफिकेट – कंपनी के कार्यालय के लिये पंजीकृत सर्टिफिकेट देना होता है जिसमें जिस जगह आपका कार्यालय खुला है वहाँ के मालिक के अनापत्ति सर्टिफिकेट देना होता है ।

दोस्तो आप सब इन सभी बातों का ध्यान रखते हुए अपनी कंपनी का रेजिस्ट्रेशन करवा सकते है

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C.K. Gupta

C.K. Gupta M.Com • Tax Expert • Founder, TaxGst.in

C.K. Gupta founded TaxGst.in — a practice built on transparency and professional expertise. With over 18 years in Indian accounts and finance since 2007, he is associated with qualified Chartered Accountants (CA) and Company Secretaries (CS) to deliver accurate, compliant tax and GST solutions.

Associated with CA & CS
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